Tuesday, November 09, 2010

हम सब है भारतवाशी


तू बंगाली, मै गुजरती ..
तू मराठी, मैं बिहारी ...
क्यों टुकडो में बट गयी ये भारत की जनता प्यारी ...
एक माँ है भारती ...
एक धर्म है हिंदुस्तानी ....
भाई भाई की जान का प्यासा ...
खून बहाते जैसे पानी ...
कोई जरा इन्हें समझाये .....
आईना सच का इन्हें दिखाये ...
क्यों ये झूठ के जाल में फसे ...
बन कटपुतली हाथो की इन नेताओ के ...
क्यों ये अपनों का खून बहाए ....
अब तो जागो ,समझो मेरे प्यारे देश के लोगो ....
यूँ ना इस भारत माँ को बाटो .....
तुम भी हो लाल इसके .....
वो भी है लाल इसी के ...
यूँ ना अपने ही भाई का सिर काटो ...
ना तू बंगाली ..ना मैं गुजरती ....
ना तू मराठी ..ना मैं बिहारी ...
सब से पहले हम सब है भारतवाशी ...

-AC

No comments:

Post a Comment