Sunday, December 16, 2012

जिंदगी एक कहानी...

जिंदगी एक कहानी...
लहरों मे फसी  कश्ती...
 उससे  टकराता पानी ...
जिंदगी एक कहानी।
             मंजिल किनारा , साहरा पानी...
             बीच मझदार डुबाता पानी ...
             लहरों मे फसी  कश्ती...
              उस से  टकराता पानी ...
लहरे आती है , फिर वही समाजाती है...
उनसे लड़ना और आगे बढ़ना ..
जिंदगी की यही रवानी ..
जिंदगी एक कहानी।
             हमसफ़र है तेरा कोई ...
             तो तू  बड़ा खुसनसीब है....
            है तन्हा तो ये तेरा नसीब ..
           पर तुझको भी ये है जिंदगी बितानी...
           जिंदगी एक कहानी।
जाने कौनसी लहर उठकर  ये कश्ती डूबा दे...
जाने कौनसी लहर मोतियो की बौछार ला दे ..
बस यही सोच कर हर लहर है अपनानी ..
 जिंदगी एक कहानी।

लहरों मे फशी कश्ति..
 उस से  टकराता पानी ...
जिंदगी एक कहानी।


AC

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