Tuesday, December 24, 2013

जन्मदिवस पर श्री अटल बिहारी वाजपयी जी को समर्पित

सत सत नमन तुझको अटल ..
विकासपुरुष है तू अटल ...
सोच अटल इरादे अटल ...
देश का सच्चा लाल है तू अटल ...

       बेशक गुमनामियो है तू आज अटल ...
       मगर आज भी दिलो  पर है तेरा राज अटल ....
       करोड़ो दिलो की है तू आश अटल ...
       तू ना सही तुझसा कोई फिर आए कोई काश अटल ...

शुभकामनाए देश की तेरे साथ अटल ...
युगो युगो तक तू जिये अटल ...
पुरे देश की तू शान अटल ...
है देश का तू अभिमान अटल ...
सत सत नमन तुझको अटल ...
-AC 

Monday, September 09, 2013

why ? communal riot...हम सब एक है

एक सवाल करता है मुझे परेशान। …. 
भगवान ने बनाया था हमे इन्सान। …. 
और हम बन के रह गये।,हिन्दू और मुसलमान। …. 
खेल रहे है हम जाने क्यों ये खून की होली। … 
चला रहे है अपनों पर ही हम डंडे और गोली। … 
कब तक हम यु टुकडो में जीते रहेगे। … 
जहर नफरत का हम पीते रहेगे। … 
कब निकलेगा वो सूरज। … 
कब आयेगा वो सवेरा। … 
जब कुछ ना होगा तेरा ,ना कुछ होगा मेरा। … 
हम भाई बनकर आगे बढेगे। …. 
हम आपस में नहीं ,
गरीबी और बेरोजगारी से लड़ेगे। … 
हर कदम साथ साथ आगे बढायेगे। … 
इस वतन को विकास के पथ पर ले जायेगे। … 
हर बैनर झंडे छोड़ कर , एक तिरंगा लहरायेगे। … 
सब नारों को भूल कर गायेगे एक नारा। …. 
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। … 
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। … 

-AC

Sunday, June 23, 2013

natural disaster प्रकृति और इन्सान

कभी सूरज आग उगले ....
धरती के सिने में पड़े दरारे ...
बूंद बूंद को इंसान तरसे ...
कभी जमके पानी बरशे ...
उफानो पर हो जाये नदिया ...
ले जाये बहा के सारी खुशिया ....

क्या प्रकृति का है ये रौद्र रूप ...
या इंसान की है कोई भूल ...
शक्ति परीक्षण है ये कैसा ?....
कैसा प्रकृति और इन्सान का ये द्वन्द ...
घटते जंगल कटते पहाड़ ....
प्रकृति से ये छेड - छाड़ ...
है विकास या है विनाश ....

-AC

Friday, May 17, 2013

Save water save life, रहिमन पानी राखिये


सूरज आग उगल रहा था ...
धरती के सीने पर दरारे थी ...
उस किसान की आँखों में हज़ार सवाल थे ...
कही इस बार उसकी बारी तो नहीं ...
घर गिरवी रखकर जो क़र्ज़ उठाया था,
कही वो उसे बेघर ही ना कर दे ...
जैसे तैसे बिना घर के तो गुजारा  हो जायेगा ,
मगर बिना बारिस के आनाज कैसे होगा ...
बिन रोटी के गुजारा कैसे होगा ???

और  दूसरी तरफ गर्मियों की छुट्टिया ...
इस बार खूब मस्ती करेगे खूब मौज उडायेगे ...
वाटर पार्क में अपने बच्चो को ले जाता वो अमिर इन्सान ...
पानी की ठंडी बोछार ...पीने को मिनरल वाटर ...
ना खाने की चिंता ना पानी की फिकर ...
खूब पानी में खेलो खूब मज़े उडाओ ...
जितना चाहों उतना  पानी बहाओ ...

और उधर गर्मी में पीने के पानी को तरसते लोग ...
कभी मिलों दूर से पीने का पानी लाते ....
कभी एक बाल्टी पानी को मिलों लाइन लगाते ...
पानी रे पानी तेरा रंग कैसा ......
छोटी सी बात एक बड़ा सवाल ...


"रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून ...
पानी गये ना उबरे, मोती मानस चून ..."

Sunday, February 24, 2013

blast, दर्द -ए -लाचारी

फिर कही से धमाके की आयी है आवाज ...
देखो फिर नींद से जागे नेता जी है आज ...
कौन मरा ... कँहा मरा...कितने मरे ..
क्यों तुम यु हाय तोबा मचाते हो… 
क्यों नहीं अपने घर में चुप बैठ जाते हो ...
जाँच कमेटी बना दी है, वो अपना काम करेगी ...
क्यों तू अब तक यहाँ खड़ा है ..
क्या तेरा भी कोई यहाँ मरा है ....
ले पकड तीन लाख तू भी और घर में आराम कर ...
नेता जी आये है दौरे पर,  सब संभल लेगे ...
इस बार फिर कोई नया बयान देगे ...
पडोसी मुल्क का हाथ लगता ...
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं ..
आप सयंम बनाये रखे ...
हम जवाब देगे ...
दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी ...
अब ऐसे हमले बर्दाश नहीं होगे ...
ठीक है या कोई नया बयान भी दे ...
कृपया मिडिया मुद्दे को हवा ना दे  ...
हर घटना को रोका नहीं जा सकता ...
जाँच जरी है, आप पर्तीक्षा करे ...
कुछ दिन जनता चिलाएगी ...
नेता जी की नींद उड़ाएगी ...
फिर नए धमके के डर को समेटे ...
सब भूल जाएगी ...
नेता जी भी फिर से  सो जायेगे ...
नये धमाके पर फिर सब याद आयेगे ....
फिर आसू नयी आँखों में आपना घर बनयेगे ..
फिर जाने किसके अपने ,अपनों से दूर जायेगे ...
सरकार किसकी भी हो चाहे ..
नेता जी मुआवजा देने जरुर आयेगे ...

Tuesday, February 12, 2013

जिंदगी की दौड़

दौड़ में दुनिया की ,
          सरपट दौड़ने लगे सभी ...
पूछने की एक सवाल,
          जरा फुर्सत ना मिली ..
के हम दौड़ क्यों रहे है, 
         जाना है कहा, है मंजिल किधर ..
क्या है हसरते दिल की ,
         क्या है ख्वाहिसे हमारी ...
दौड़ में दुनिया की,
        सरपट दौड़ने लगे सभी ...
एक पल ठहर कर कही,
        क्या खुद से पुछा है कभी ...
निकला था घर से,
        क्या तु है आज भी वही ..
पहचान खुद की भीड़ मे,
        खोने लगे है कही ..
खुद को ही जानने का,
       कभी वक़्त मिला नहीं ..
दौड़ में दुनिया की,
       सरपट दौड़ने लगे सभी ...

     -AC

Tuesday, January 15, 2013

अब और ना इन्तजार कर

उठा ले हथियार, अब तु वार कर  ...
ना और अब,  तु  इंतजार कर  ...
नहीं मानेगे वो, बातो से ...
भुत बने जो,  लातो के ...
एक बार तो  तु एलान कर ,
सबक  उन्हें     सीखादेगे ....
कश्मीर तो अपना ही  ठहरा ,
हम लाहोर पे तिरंगा लहरादेगे ...

47,65,71 और कारगिल वो भूल गये ..
अब उन्हें नयी तारीख याद करादेगे  ...
अपने घर से उसे  बहुत  भगाया ...
अब उसके घर से उसे भगा  देगे ...
उठा ले हथियार, अब तु वार कर  ...
ना और अब,  तु  इंतजार कर  ...

उठा ले हथियार, अब तु वार कर  ...
ना और अब,  तु  इंतजार कर  ...
सिर्फ नाम ही उसका पाक है ...
इरादे उसके बहुत नापाक है ...
अपना  जवाब उसे बताना है ...
उसकी औकात उसे दिखाना है ..

बात है आन, बान और शान की ...
बाज़ी लगनी  है, अब जान की ...
युद्ध   की  है,  अब   ये   घडी ..
सरकार क्यों है, ये चुप खड़ी ...

देश  की    अब  सुरक्षा  को ...
स्वाभिमान की अब रक्षा को...
हथियार अब तुम तान लो ...
बात आज तुम ये मान लो ...

सीने लिए हम भी अब तैयार है ..
अब  तो  बस  तु   वार  कर  ...
कुन्द हुए हथियार में अब धार कर ...
उठा ले हथियार, अब तु वार कर  ...
ना और अब,  तु  इंतजार कर  ...

 जय हिन्द ..

Thursday, January 10, 2013

जवाब कब देगे ...

गाँधी के विचारो के सम्मान का मतलब ये नही ...
आजाद और  भगत से इरादे हम छोड़ दे ..
अहिंसा के है हम  पुजारी, इसका मतलब ये नहीं ..
सवाभिमान  से जीने के इरादे हम छोड़ दे ..
चाहते है अमन हम पडोसी से, इसका मतलब ये नहीं ...
अपने घर की सुरक्षा के इरादे हम छोड़ दे ...
         वक़्त नहीं अब खामोसी का ....
         वक़्त नहीं खोखले वादों का ...
         वक़्त है अब जांबाजी  का ...
         वक़्त है मजबूत इरादों का ...
जवाब अब भी ना दिया तो फिर यही दोहोरयेगे ....
फिर लेने जान हमारे जवानों की सीमापार से  आयेगे ...
कब तक हम ये आतंकवाद  यू ही सहते रहेगे ..
दोबारा किया तो कड़ा जवाब देगे, यू कहते रहेगे ...
कभी मुंबई तो कभी दिल्ली को उन्होंने दहलाया है ...
हर बार लेकर सैकड़ो जाने हजारो घरो को रुलाया है ...
           बस अब ना और सहेंगे ..
           अब तो जवाब जरुरी है ..
           अब तुम क्या  कहोगे ..
          हमारी क्या मज़बूरी है ...
शांति वार्ता बहुत हुई ,अब असल शांति जरुरी है ...
क्रिकेट बहुत हुआ हथियार उठाना अब मज़बूरी है ...
शहीद तो होते वैसे भी, लाखो हमारे जवान है ...
पर अब जरुरी मिटाना, पाक का नामोनिशान है ....
हिंदुस्तान खामोस बैठा, पर अब भी इसमें जान  है ...
कही समझ ना ले कोई के, कायर हिंदुस्तान है ...

-AC


Friday, January 04, 2013

इन्सान


कभी समझ  लेते  जुबान  ख़ामोशी की ...
कभी चीखे भी नहीं सुन पाता इन्सान ...
कभी न्याय की खातिर  लड़ता ...
कभी देख अन्याय बन जाता अनजान ...
कभी विरुद्ध  भ्रटाचार नारे लगाये ...
कभी रिश्वत से अपने काम करवाता ..
कभी समझ  लेते  जुबान  ख़ामोशी की ...
कभी चीखे भी नहीं सुन पाता इन्सान ...


-AC

Tuesday, January 01, 2013

Life Without Fuel

Fuel is a material which stores energy which can be extracted to perform desired work .
Fuel is a substance which, when burnt, i.e. on coming in contact and reacting with
oxygen or air, produces heat. Thus, the substances classified as fuel must necessarily 
contain one or several of the combustible elements : carbon, hydrogen, sulphure, etc. In 
the process of combustion, the chemical energy of fuel is converted into heat energy. 
fuel may be classified in to ways-
according to physical state - solid ,liquid , gaseous fuel
according to mode of procurement – natural and manufactured.


Natural ------------------------------- manufactured
                   
                         solid 
Wood                                            Bagasse
Coal                                               charcoal
Oil shale                                        coke
                          Liquid
Petroleum                                      diesel,Patrol
                                                      Coal tar etc
                          Gas
Natural Gas                             Coal gas,Producer gas,Water gas
                                                Hydrogen,Acetylene,Oil gas etc

  and different kind of Nuclear fuel 

But the major problem is that populations is rising day by day and the demand of these fuel is also rising. but all these kind of fuel are limited. one day they will be finished due to irresponsible use of them. this is the big question in front of us. we can't imagine life without fuel. because it is the major part of our daily life. for transportation , electricity and food we need fuel. if the fuel will be finished our life become hell. so it is our responsibility to save fuel and we need to switch to alternative source of energy.

  now we will discuss how we can save fuel.

1.switch off engine of your vehicle on red light.
2.use Public transport as much as possible.
3.use common transport to go at common destination.
4. Switch off all electric equipment when they are not in use.
5.use CFL instead of filament bulb.
6.Select the most energy-efficient appliances
7.Maintain proper type pressure to maximize your vehicle’s gas mileage.

now we will discuss about non conventional source of energy or Renewable energy

There are many kinds of renewable energy sources which can be used according to our climate or Convenience.

Solar Energy- Sun is a big source of energy. which can fulfill our energy requirement for life time. if we will be able to convert it in to desired form of energy. still we are using a few amount of solar energy with the help of solar Panel and solar cooker etc


bio Gas- In this type of energy resource, we use cow dung or kitchen waste to produce gas. which we can use in cooking. 



wind energy- in this source of energy we use power of wind to produce energy. this is limited to climatic condition of your region.

contribute in energy saving, your little effort can make big difference
your comments and suggestions are invited.


Happy New Year


गत वर्षो की भाति इस वर्ष भी मध्यरात्रि  से  ही ..
बधाईयो    का     ताता    लगने     लगा ...
हर दिल में नया सवेरा     जगने    लगा ....
वैसे तो कुछ नहीं बदला    एक     रात में ..
फिर भी  दिलो  में   कुछ  नये एहसास है ...
बधाईयो     का       मतलब    ये     नहीं,
के सबके  घर   खुशियों से रोशन हो गये ...
या      भ्रष्ठाचार        कम         हो      गया,
या       अपराध    से   मुक्ति     मिल   गयी ...
बधाईयो     का   मतलब    ये   भी  नहीं,
के    इस     देश  का  चहुमुखी विकास हुआ ...
या     पट्रोल     का        दाम     कम    हुआ ..
या     महंगाई      पर    लगाम    लगी     है ...
या    बलात्कारियो   को    सज़ा   मिली   है ...
मगर      फिर       भी         बधाईयो     से ,
गत वर्षो की भाति कुछ नयी उम्मीदे जगी  है ...

समस्याए वही है , समाधान नहीं  है ..
फिर भी उन नयी उम्मीदों को सलाम ,
और बधाई नववर्ष की पुरे देश के नाम ...

wish you a very happy new year...

-AC