Sunday, March 02, 2014

VOTE For India,

घोटालो का लगा अम्बार, 
 सोयी रही देश की सरकार।। .

बेरोजगारी ने उड़ाये होश,
सरकार का है युवा जोश।।

इकोनोमी की हालत पतली ,
ये  कहे   हर  हाथ  तररकी।।

महँगाई     की    पड़ी  ऐसी   मार ,
के जन जन को छुआ जनजीवन बदला। । 

आत्महत्या करता  देश का  किसान ,
 सरकार बोले हो रहा भारत निर्माण।। 

खोल दिए घोषणाओ के पिटारे,
घर घर आयेगे अब  ये सारे।।

धर्मनिरपेक्षता का ओढ़ के चोला ,
चेहरा  बनाया   कितना  भोला।।

ये नहीं  है  कोई  एक, 
रूप धरे है इसने अनेक।।

अब भी ना जगा देश तो,
फिर  बहुत   पछतायेंगे।।

विकास की दौड़ में ,
बहुत पीछे रह जाएगे।।

-AC

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