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यथा दृष्टि तथा सृष्टि

कोशिश .....An Effort by Ankush Chauhan जीवन जीने का वास्तविक तरीका यदि हम जान ले तो जीवन अपने आप सुन्दर हो जाएगा। हम अक्सर देखते ...

माँ तो माँ होती है।


कोशिश .....An Effort by Ankush Chauhan

माँ ओ माँ ओ प्यारी माँ।
तू जननी तू पालनकर्ता,
तू ही है सब कर्ता धर्ता।।
सबसे पहले तुझको जाना।
तेरी नजरो से फिर ये जग जाना।।
तुझसे ही पहला निवाला पाया।
तुझसे ही  जग  में  आया।।
तू माँ तू अम्बा तू ही जगदम्बा।
तू ही दुर्गा , काली , जवाला।।
पहला ज्ञान भी तुझसे पाया।
पहला मान भी तुझसे पाया।।
कड़ी धूप या ठंडी छाँव।
तूने ही तो आँचल में छुपाया।।
हर खुशी कर दी तूने न्यौछावर।
हर दर्द तूने अपने दिल मे दबाया।।
खुद रहकर भूखे भी तूने।
बच्चो को खाना खिलाया।।
तुझको क्या  हम दे पाएंगे।
कर्ज तेरा कौन चुका पाया।।
तुझसे  ही  पाया  ये  मन।
तुझसे ही तो पायी है काया।।
सांस भी तेरी प्राण भी तेरे।
सब कुछ मेरा तेरा ही तो है।
क्या तुझको अर्पण कर दू।
तू ही बता ओ मेरी प्यारी माँ।
माँ ओ माँ ओ प्यारी माँ।।


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